पाइल्स का इलाज : पाइल्स मस्से का इलाज इन हिंदी पाइल्स के दर्द का इलाज
पाइल्स या हेमोराइड को बवासीर के नाम से भी जानते हैं। पाइल्स की बीमारी में गुदा और मलद्वार के आस पास तथा अन्दर गंभीर रूप से सूजन आ जाती है। कभी-कभी पाइल्स में मलाशय से खून भी निकलने लगता है और मल त्याग करने के समय में बहुत परेशानी होती है पाइल्स की समस्या या हेमोरोइड्स वयस्कों के बीच एक समान्य बीमारी है जो इलाज (Piles Treatment) न किए जाने पर दर्द तथा असुविधा भी महसूस होती है।
पाइल्स के मस्से का इलाज
पाइल्स की बीमारी ज्यादातर 45 साल से ऊपर की उम्र के लोगों में होती है लेकिन यह कभी कभार कम उम्र के लोगों में भी हो जा सकती है। पाइल्स दो प्रकार की होती है जिसको खूनी और वादी बाबासीर या पाइल्स कहते हैं। खूनी बवासीर वादी बवासीर या Piles से ज्यादा दर्द देने वाला और असहनीय होता है। पाइल्स की बीमारी महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है। हेल्थ टिप्स हेल्थी ड्रीम की वेबसाइट पर आज हम बताने जा रहे हैं पाइल्स की बीमारी के कारण लक्षण और उपचार के बारे में Piles Treatment in Hindi पाइल्स पर लिखे गए इस पोस्ट के माध्यम से हम यह भी बताने की कोशिश करेंगे कि पाइल्स का घरेलू इलाज क्या है Piles Treatment at Home in Hindi और इसको किस तरह से किया जा सकता है।
पाइल्स की बीमारी कारण, लक्षण और इलाज हिंदी में Piles Causes Symptoms and Treatment in Hindi
पाइल्स की बीमारी का दूसरा नाम बवासीर या फिशर भी है। यह गुदाद्वार के रक्त वाहिकाओं Anal Blood Vessels पर ज्यादा दबाव के कारण होता है। जिस किसी व्यक्ति को पाइल्स की बीमारी होती है उसके मलद्वार में सूजन आ जाती है। साथ ही मल द्वार की भीतरी दीवारों में और मलद्वार के आसपास छोटे-छोटे मस्से निकल आते हैं जो कभी कभी सूखे और कभी कभी खून निकलने वाले होते हैं। पाइल्स के मस्सों की वजह से आदमी को बहुत दर्द होता है वह बराबर परेशान रहता है और कभी कभार तो उठने बैठने में भी तकलीफों का सामना करना पड़ता है पाइल्स की बीमारी दो तरह की होती हैं।
पाइल्स के दो प्रकार इस तरह से हैं:
अंदरूनी या भीतरी पाइल्स Internal Piles Fisher
अंदरूनी या भीतरी पाइल्स Internal Piles Fisher यह बीमारी मरीज के मलद्वार के भीतर में होती है इसीलिए इसको अंदरूनी या भीतरी पाइल्स या हेमोराइड बवासीर कहा जाता है। अंदरूनी पाइल्स में नसों में होने वाली सूजन बाहर से दिखाई नहीं देती है लेकिन अंदर ही अंदर तकलीफ बढ़ती रहती है। इस प्रकार की पाइल्स की बीमारी का मुख्य लक्षण गुदाद्वार से खून का निकलना है और अंदर ही अंदर दर्द है। अंदरूनी पाइल्स को 4 ग्रेड्स में बाँटा गया है- ग्रेड्स I, II, III, IV
बाहरी पाइल्स External Piles
बाहरी पाइल्स External Piles इस प्रकार की पाइल्स में सूजन गुदाद्वार के आसपास बाहर में साफ तौर पर देखी जा सकती है इसलिए इसे बाहरी पाइल्स कहा जाता है। बाहरी पाइल्स को आसानी से पहचाना जा सकता है इसलिए कि इसमें बाहर से ही बदलाव दिखाई देते हैं और मल त्याग करते समय दर्द और खून और मवाद निकलते रहते हैं और खुजलाहट भी होती है। बार-बार खुजलाने के कारण भी गुदा में सूजन बढ़ जाती है यही बाहरी पाइल्स या बवासीर के मुख्य लक्षण हैं।
पाइल्स के कारण Causes of Piles in Hindi
इंटरनल पाइल्स Internal Piles Fisher
इंटरनल पाइल्स Internal Piles Fisher यह गुदा के अंदर ब्लड वेसल्स में सूजन बढ़ जाने के कारण होता है। शौच करते समय अधिक जोर लगाने पर मलद्वार के रक्त वाहिकाओं पर अधिक दबाव पड़ता है। यह भी पाइल्स का मुख्य कारण हो सकता है। जोर से छींकना, खांसी करना या इसके अतिरिक्त मोटापा और चर्बी की समस्या, गर्भावस्था Symptoms of Pregnancy, लगातार बैठे रहना, देर तक खड़े रहना इन सब चीजों के कारण भी मलद्वार के ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है और पाइल्स का कारण बनता है। इसके अतिरिक्त एक्सटर्नल पाइल्स होने के और भी बहुत से कारण हैं जिसमें से कुछ इस तरह से हैं।
पाइल्स की समस्या वैसे तो गलत खान-पान और रहन-सहन के तरीकों से होती है लेकिन पाइल्स का एक बहुत बड़ा कारण अनुवांशिकता भी हो सकता है। फाइबर युक्त भोजन ना ग्रहण करना, पानी और तरल पदार्थों का कम सेवन, अनियमित जीवन शैली, तनाव भरी जिंदगी, मल त्याग करते समय टेंशन में होना, लगातार कब्ज और दस्त की समस्या, शौच करते समय अधिक देर तक बैठे रहना, गुदामैथुन, गर्भावस्था, बार-बार भारी सामान उठाना, मोटापे की समस्या, रीढ़ की हड्डियों में चोट लगना तथा मूत्राशय और गुदाद्वार संबंधी खराबी यह सभी लक्षण भी पाइल्स का कारण बन सकता है।
पाइल्स के लक्षण Symptoms of Piles Piles Ke Lakshan
पाइल्स के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं- मलद्वार से चटख रंगों का लाल गाढ़ा खून निकलना, बोवेल मूवमेंट में दर्द, गंभीर रूप से सूजन अथवा गुदा के आस पास एक गांठ बन जाना, गुदा में लगातार खुजली होना, गुदा से चिपचिपा पदार्थ का निकलते रहना, गुदा के चारों ओर सख्त गांठ, गुदा का क्षेत्र लाल हो जाना और तेज़ दर्द होना है।
पाइल्स का इलाज Piles Treatment in Hindi
पाइल्स का इलाज विभिन्न प्रकार से उपलब्ध है जिनमें से मुख्य इस प्रकार है: दवाइयों के द्वारा पाइल्स का इलाज, सर्जरी और कुछ घरेलू उपायों से पाइल्स का उपचार (Piles treatment at Home in Hindi) पाइल्स का आयुर्वेदिक इलाज, पाइल्स का इलाज पतंजलि की दवा, होम्योपैथिक में पाइल्स का इलाज, पाइल्स का इलाज एलोपैथी, पाइल्स का देसी इलाज इन सभी तरीकों से पाइल्स का उपचार या इलाज किया जा सकता है। आप इनमें से अपनी सुविधा अनुसार किसी एक पाईल्स उपचार का चुनाव कर सकते हैं।
पाइल्स का इलाज Piles Treatment in Hindi
पाइल्स अधिकांशतः कुछ हफ्तों में इलाज के बिना भी अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन यदि पाइल्स अपने आप ठीक नहीं होता है तो पाइल्स के लिए कई उपयोगी घरेलू उपचार Piles Treatment at Home in Hindi उपलब्ध हैं। साथ ही कुछ मेडिकल सहायता से भी पाइल्स का इलाज Medical Piles treatment in Hindi किया जा सकता है और पाइल्स की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
पाइल्स का चिकत्सीय इलाज Allopathic Treatment Of Piles in Hindi
अगर पाइल्स अपने आप कुछ दिनों में ठीक नहीं होता है तो शीघ्र ही अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए और इसका सही इलाज कराना चाहिए पाइल्स के लिए कुछ मेडिकल एलोपैथिक इलाज (Medical Allopathic Piles Treatment in Hindi) इस प्रकार हैं:
पाइल्स के इलाज के लिए जीवनशैली में सुधार करें
पाइल्स का मुख्य कारण बोवेल मूवमेंट में ब्लीडिंग होना है यदि बहुत अधिक स्ट्रैनिंग हो रही हो तो इसका यह भी अर्थ हो सकता है कि आपको लगातार कब्ज Constipation की समस्या है। इसका इलाज Piles Treatment in Hindi है। अपने खान-पान और जीवनशैली की आदतों में थोड़ा परिवर्तन लाकर आप पाइल्स की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं पाइल्स का इलाज के लिए अपनी डाइट में फाइबर युक्त भोजन Fibre Rich Indian Food फल तथा सब्जियों को नियमित रूप से शामिल करें।
मोटापा और वजन घटाकर पाइल्स का इलाज
मोटापा और वजन घटाकर भी आप पाइल्स होने की संभावनाओं को कम कर सकते हैं और पाइल्स होने पर घरेलू उपचार के द्वारा पाइल्स का इलाज कर सकते हैं।
शारीरिक कसरत से पाइल्स का इलाज
पाइल्स को रोकने के लिए आपका डॉक्टर आपको एक्सरसाइज और योगासन प्राणायाम करने की सलाह भी देगा क्योंकि पाइल्स के इलाज के लिए एक्सरसाइज बहुत फ़ायदेमंद है।
दवाओं की सहायता से पाइल्स का इलाज
पाइल्स के मस्सों के रोगियों के लिए पाइल्स के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए बहुत सारे एलोपैथिक मेडीसिनल विकल्प और उपचार उपलब्ध है।
पाइल्स की दवा
पाइल्स की दवा मेडिकल स्टोर और ऑनलाइन दोनों ही तरीकों से आसानी से मिल जाती हैं। पाइल्स के लिए उपलब्ध इन दवाओं में दर्दनाशक मलहम Pen Relief Ointment, क्रीम और पैड शामिल हैं, और गुदा या मलद्वार के आसपास लाली, सूजन और खुजलाहट को शांत करने में सहायता कर सकते हैं।
Over the counter medicine से पाइल्स का इलाज करने पर इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिलती क हैं। इन दवाओं को लगातार 8 दिन से अधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए नहीं तो यह उस जगह जलन तथा त्वचा के पतले होने की समस्या उत्पन्न सकते हैं।
Corticosteroid Medicine For Piles
कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स: पाइल्स में इस तरह की दवाएं सूजन और दर्द को बहुत हद तक कम कर सकती हैं।
Laxative Medicine
लक्सेटिव्स: अगर पाइल्स वाले रोगी कब्ज से ग्रस्त हो तो डॉक्टर लक्सेटिव्स दवाएं सजेस्ट करता है। इससे आदमी मल को अधिक आसानी से त्याग कर सकता है तथा निचले कोलन पर अधिक दबाव नहीं पड़ता है।
पाइल्स के लिए सर्जिकल इलाज
पाइल्स से पीड़ित होने वाले लोगों में से बहुत कम को ही सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। पाइल्स की बीमारी होने पर सर्जरी के कुछ प्रकार इस तरह से हैं:
पाइल्स के लिए बैंडिंग Piles Banding in Hindi
पाइल्स की बैंडिंग प्रक्रिया में डॉक्टर पाइल्स की जड़ों में एक रबर बैंड ( Rubber Band For Piles ) लगा देता है और जहाँ से ब्लड आ रहा होता है उसे काट दिया जाता है। कुछ दिनों के बाद पाइल्स के मस्से खून का प्रवाह बंद होने के कारण सूख कर गिर जाते हैं। यह पाइल्स के ग्रेड IV से कम के सभी पाइल्स के इलाज के लिए प्रभावी तरीका होता है।
स्क्लेरोथेरेपी Sclero Therapy
पाइल्स होने पर इस प्रकार के इलाज में हेमोराइड को सिकुड़ने के लिए विशेष प्रकार की दवाएं इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है। जिससे धीरे-धीरे पाइल्स हेमोराइड मस्से खत्म हो जाते हैं। पाइल्स का यह उपचार ग्रेड II तथा III वाले पाइल्स के लिए प्रभावी है तथा बैंडिंग का अच्छा विकल्प है।
इन्फ्रारेड कोगुलेशन Infrared Coagulation इन्फ्रारेड लाइट कोगुलेशन
इसमें पाइल्स हेमोराइड को जलाने के लिए एक इन्फ्रारेड लाइट कोगुलेशन डिवाइस का इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल ग्रेड I और II वाले पाइल्स के इलाज के लिए किया जाता है।
Hemorrhoid हेमरॉइडेक्टमी
पाइल्स होने पर हेमरॉइडेक्टमी की प्रक्रिया द्वारा जिस टिस्सुस से ब्लीडिंग हो रही होती है उन्हें सर्जरी से हटा दिया जाता है। यह अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है तथा इसमें स्थानीय एनेस्थेटिक एवं Sedation या एक सामान्य एनेस्थेटिक का संयोजन भी हो सकता है। पाइल्स में इस प्रकार की सर्जरी पूर्ण रूप से पाइल्स का इलाज Piles Treatment in Hindi करने के लिए सबसे अच्छा है लेकिन इसकी जटिलताओं का खतरा बना रहता है। जिसमें मल त्यागने करने के साथ मूत्र पथ संक्रमण भी हो सकता है।
हेमोराइड स्टेपलिंग
हेमोराइड स्टेपलिंग में रक्त प्रवाह को हेमोराइड ऊतकों में जाने से पूरी तरह बन्द कर दिया जाता है। पाइल्स के इलाज के इस प्रक्रिया में हीमोराइडोइडॉमी से कम दर्द होता है। हालांकि इस प्रक्रिया से हीमोराइड के दोबारा होने और रेक्टल प्रोलैप्स की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस स्थिति में गुदाशय का हिस्सा गुदा से बाहर निकलता है।
पाइल्स का घरेलू इलाज हिंदी में
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